Tag: पर शब्दों का उच्चारण लगभग नामुमकिन हो जाता है। जीवन भर की स्मृतियों का बोझ एक मान्यता यह भी है कि उस अंतिम समय में इंसान के पूरे जीवन की फिल्म उसकी आंखों के सामने से गुज़रती है। वह अपने अधूरे कामों औ